
भीलवाड़ा, 14 दिसम्बर ( ) स्वदेशी कम्पनी आरसीएम पर लगाम लगाने के पीछे देश में एफडीआई को लाने के लिए केन्द्र सरकार का हाथ रहा हैं। भीलवाड़ा की आरसीएम के 1 करोड़ 34 लाख ग्राहक देशभर में बन चुके थे और उसका विस्तार लगातार जारी था। इसी दौरान एफडीआई के तहत वालमॉर्ट जैसी कम्पनियों को देश में आने से पहले ऐसी कम्पनियों पर लगाम कसनी थी। इसी के चलते राजनेताओं के ईशारे पर आरसीएम को चिट फण्ड कम्पनी बताकर उस पर लगाम कसी गई। इस तरह के आरोप भीलवाड़ा के विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा गिनाई गई चार साल की
उपलब्धियों के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पत्रकार वार्ता के
दौरान लगाया।उनका कहना था कि आरसीएम से देश के करोड़ों लोगों को रोजगार मिला हैं और स्वदेशी कम्पनी तेजी से बढ़ रही थी। जिसे विदेशी कम्पनियां पचा नहीं पा रही थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल भीलवाड़ा पुलिस ने आरसीएम के खिलाफ चिटफण्ड एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए संचालक त्रिलोकचन्द्र छाबड़ा, भागचन्द छाबड़ा और सौरभ छाबड़ा को गिरफ्तार किया था। जिनकी कई महिने जेल में रहने के बाद जमानत हो गई थी। अब कम्पनी में फिर काम शुरू हुआ हैं।
DAINIK LOKJEEVAN (BHILWARA),14 DEC2012
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