प्रिय दोस्तों
आरसीएम् अभी जो समय चल रहा ह वो हम सब के लिये परीक्षा का समय है दोस्तों बुजुर्गों ने कहा है सबर का फल मीठा होता है और जब कोई कहावत कही जाती है तो उस के पीछे कोई ना कोई कारण होता है,कई बार इन्सान जल्दबाजी मे गलत फैसला कर बैठता है और फिर जीवन भर पछताता है लेकिन फिर पछताने से कुछ नही होता क्योकि मै इस प्रक्रिया से गुजर चूका हूँ ,आज आरसीएम् के साथ घटना घटे दो महीने भी नहीं हुए और कुछ लोग इधर उधर झाकने लगे.मै अपने बारे मे आप सब लोगो को कुछ बताना चाहता हूँ , मैने आरसिम को दो जनवरी 2005 मे शुरू किया. पूरे जूनून के साथ जैसे सब करते हैं, मेरे अन्दर शुरू से ही स्टाररूबी बनने कि आग थी, कैसे भी करके मै रात दिन मेहनत करता था इतनी मेहनत की कई बार तो मेरी तीन साल की बेटी कि सकल देखे हुए बीस बीस दिन गुजर जाते थे लेकिन मै हर हालत मे स्टाररूबी बनना चाहता था, जल्दी स्टाररूबी बनने के चक्कर में मेरे से कुछ गलतियां हो गई और मुझे कम्पनी से टर्मिनेट कर दिया गया उस समय मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी दुनिया ही उजड़ गई हो क्योंकि आरसीएम् के बिना सब अजीब लगता था मेरी तीन साल कि बेटी ने पापा मम्मी कहने से पहले आरसीएम् कहना सिखा था, ऐसे समय मे बहुत से लोग मुझे दूसरी कम्पनी के प्लान दिखने आये,खरीदने आये पेसों और गाड़ी का लालच दिया, और उस समय लालच दिया जब मेरे घर मे आरसीएम् से इनकम आये चार महीने गुजर चुके थे और मेरा कोई दूसरा काम भी नही था,बच्चों की फ़ीस रुकी हुई थी दूध का बिल पेंडिग था बिजली का बिल पेंडिग था और कम्पनी ने वापस लेने से बिलकुल मना कर दिया था लेकिन शहाबुदीन खान बिकाऊ नही था और ठान चूका था कि करना है तो आरसीएम् नही तो कुछ भी नही, शहाबुदीन खान बिका नही लगातार टीसी जी से मिलने का प्रयास करता रहा और एक दिन टीसी जी ने मेरी सारी बाते सुनी और मुझे एक मौका और दिया,जब पांच महीने के बाद आईडी खोल के देखा तो मेरा बी ग्रुप का बिजनेस अड़तालीस लाख से गिर के एक लाख पे आ चूका था मेन लीडर बिजनेस छोड़ के जा चुके थे लेकिन मैने सबर रखा दोबारा फिर दिल से काम किया और स्टाररूबी बन के दिखाया, दोस्तों इसे झूठी कहानी मत समझना अब तो हम सब इंतजार कर रहे ह सोचो उस समय तो मैने अकेले ने इंतजार किया था,कैसे किया होगा और वो भी बिना पैसे अब तो हम सब साथ है मेने सबर रखा इसलिये स्टार रूबी बना अब आप को सोचना है.
शहाबुदीन खान
स्टार रूबी
9215164886
POSTED BY - ABHISHEK DWIVEDI
आरसीएम् अभी जो समय चल रहा ह वो हम सब के लिये परीक्षा का समय है दोस्तों बुजुर्गों ने कहा है सबर का फल मीठा होता है और जब कोई कहावत कही जाती है तो उस के पीछे कोई ना कोई कारण होता है,कई बार इन्सान जल्दबाजी मे गलत फैसला कर बैठता है और फिर जीवन भर पछताता है लेकिन फिर पछताने से कुछ नही होता क्योकि मै इस प्रक्रिया से गुजर चूका हूँ ,आज आरसीएम् के साथ घटना घटे दो महीने भी नहीं हुए और कुछ लोग इधर उधर झाकने लगे.मै अपने बारे मे आप सब लोगो को कुछ बताना चाहता हूँ , मैने आरसिम को दो जनवरी 2005 मे शुरू किया. पूरे जूनून के साथ जैसे सब करते हैं, मेरे अन्दर शुरू से ही स्टाररूबी बनने कि आग थी, कैसे भी करके मै रात दिन मेहनत करता था इतनी मेहनत की कई बार तो मेरी तीन साल की बेटी कि सकल देखे हुए बीस बीस दिन गुजर जाते थे लेकिन मै हर हालत मे स्टाररूबी बनना चाहता था, जल्दी स्टाररूबी बनने के चक्कर में मेरे से कुछ गलतियां हो गई और मुझे कम्पनी से टर्मिनेट कर दिया गया उस समय मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी दुनिया ही उजड़ गई हो क्योंकि आरसीएम् के बिना सब अजीब लगता था मेरी तीन साल कि बेटी ने पापा मम्मी कहने से पहले आरसीएम् कहना सिखा था, ऐसे समय मे बहुत से लोग मुझे दूसरी कम्पनी के प्लान दिखने आये,खरीदने आये पेसों और गाड़ी का लालच दिया, और उस समय लालच दिया जब मेरे घर मे आरसीएम् से इनकम आये चार महीने गुजर चुके थे और मेरा कोई दूसरा काम भी नही था,बच्चों की फ़ीस रुकी हुई थी दूध का बिल पेंडिग था बिजली का बिल पेंडिग था और कम्पनी ने वापस लेने से बिलकुल मना कर दिया था लेकिन शहाबुदीन खान बिकाऊ नही था और ठान चूका था कि करना है तो आरसीएम् नही तो कुछ भी नही, शहाबुदीन खान बिका नही लगातार टीसी जी से मिलने का प्रयास करता रहा और एक दिन टीसी जी ने मेरी सारी बाते सुनी और मुझे एक मौका और दिया,जब पांच महीने के बाद आईडी खोल के देखा तो मेरा बी ग्रुप का बिजनेस अड़तालीस लाख से गिर के एक लाख पे आ चूका था मेन लीडर बिजनेस छोड़ के जा चुके थे लेकिन मैने सबर रखा दोबारा फिर दिल से काम किया और स्टाररूबी बन के दिखाया, दोस्तों इसे झूठी कहानी मत समझना अब तो हम सब इंतजार कर रहे ह सोचो उस समय तो मैने अकेले ने इंतजार किया था,कैसे किया होगा और वो भी बिना पैसे अब तो हम सब साथ है मेने सबर रखा इसलिये स्टार रूबी बना अब आप को सोचना है.
शहाबुदीन खान
स्टार रूबी
9215164886
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